Saturday, September 11, 2021

जिंदगी की दोराहेपे

तुटा पडा था मैं....

मुझे जोडणे की तो खैर

कोशीष...  हूयि हि नहीं ......


हर कोई आके ....

आपण हिसाब रख गया....

मेरे हिसाब का तो

जिक्र तक न हुवा कहीं....!!!

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