Friday, February 9, 2024

देखें हैं हमने हजारों ख्वाब 
ओर हजारों को तुटते भी देखा हैं...
पर कल रात  वो ख्वाब भी आया
जीसने हमें ही तोड कर रखा हैं...

कागज की कष्टी leke  वो
तुफानो में चली गयी ...
चमन भी ना देखा तान्हा कभी
वो रन ही  आकेली गयी




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