तेरे किसी भी सवाल का जवाब
तो हमने कभी न पाया था..
इसी लिए तो लिखी हर नज़्म को
किताबों में ही छुपाया था ...
पहले तो बस अल्फाज थे
फिर अरमान बन गए
दिले तमन्ना कभी....
कभी ईमान बन गए
जिंदगी के आसमां में
नजाने कितने ही सूरज
कई दिनों के मेहमान बन गए ।
जेव्हा आयुष्य अत्यंत निर्णायक परिस्थितीतून जात असते, ..... जिथे सर्व काही संपत आहे अस वाटते ..... त्यावेळी एक स्वप्न आपल्याला साऱ्या जगाशी लढण्याची शक्ती देऊ शकते आणि विजयी करू शकते .... (Flowers blossomed in the ashes)
मेरे कल वाले मुझसे कल मेरी मुलाकात हुई तो मैंने उससे उसकी "खुशहाली" ...... पूछ ही ली... क्यों की मैं जानता था के वो चाहता था के...
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