एक दिवस मी
नक्किच मोठा होइल
लाहाणपनि वाटायच
आता म्हातारा हेत आलो
मोठा काही होईना गेलो
मोठेपनाची व्याख्या
खुपच मोठि झाली
मी वाढताणा माझ्यासंगे
ति पण वाढत गेली
जेव्हा आयुष्य अत्यंत निर्णायक परिस्थितीतून जात असते, ..... जिथे सर्व काही संपत आहे अस वाटते ..... त्यावेळी एक स्वप्न आपल्याला साऱ्या जगाशी लढण्याची शक्ती देऊ शकते आणि विजयी करू शकते .... (Flowers blossomed in the ashes)
Tuesday, March 23, 2010
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मैं अकेला
मेरे कल वाले मुझसे कल मेरी मुलाकात हुई तो मैंने उससे उसकी "खुशहाली" ...... पूछ ही ली... क्यों की मैं जानता था के वो चाहता था के...
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मेरे कल वाले मुझसे कल मेरी मुलाकात हुई तो मैंने उससे उसकी "खुशहाली" ...... पूछ ही ली... क्यों की मैं जानता था के वो चाहता था के...
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अब अगर हिसाब ही पूरा करना है तो सुनो वो सिक्के भी जोड़ लेना जो तुम्हारी लंबी उम्र के लिए हवा में उछालें हैं..... और वो भी जो रिश्ते को ...
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दरवाजे पे हैं मेरे खड़े ना जाने कितने ही कर्जे कई चुकाने है मुझे ... तो कुछ आने भी है मेरे सोचता हूं साभिका हिसाब एक दिन करवा दूं... किसी...
Khupch sundar kalpana ahe hi.. :)
ReplyDeletemala kasa nahi suchla? :(
:)