कोशिश तो ज़रूरी है
"जुड़ने" या "जोड़ने" की ,
टूटे हुए तो बस .....
जैसे आप हो ,वैसे ही हम है।
"इतनासा" तो हैं ये शहर
उसपे ये कड़ी दोपेहर
सुनी सड़कों को तखते
जैसे आप हों वैसे हम हैं।
दस्तक देके दिल पे ..
"इज़ाजत"तो मांग ली आपने
पर हम दें कैसे
"अरमानों" के कत्ल में गिरफ्तार
जैसे आप हो वैसे हम है।
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