Thursday, August 5, 2021

तू बोलत राहा कविते सारखं......

मी ऐकत राहीन गाण्या सारखं.....

कुठे थोडं उथळ........ ....

कुठे जरा खोल..............

वाहत राहू आपण "पाण्यासारखं"!!

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