हजारों बार निकाला गया ....
रुह को दफनाकर मेरे,
गुनाह तो कुछ भी न था
पर,इल्ज़ाम ही इतने संगीन थे...
हम तो नशे में चूर
गम के अंधेरों में कहीं दूर थे
कहते हैं.....
जोगीपन का तो बस चोला है पहना
उस रात तो हम बड़े ही रंगीन थे.....?
जेव्हा आयुष्य अत्यंत निर्णायक परिस्थितीतून जात असते, ..... जिथे सर्व काही संपत आहे अस वाटते ..... त्यावेळी एक स्वप्न आपल्याला साऱ्या जगाशी लढण्याची शक्ती देऊ शकते आणि विजयी करू शकते .... (Flowers blossomed in the ashes)
मेरे कल वाले मुझसे कल मेरी मुलाकात हुई तो मैंने उससे उसकी "खुशहाली" ...... पूछ ही ली... क्यों की मैं जानता था के वो चाहता था के...
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