Tuesday, March 28, 2023


इतनी ऐहामियत  ना ले,

जिंदगी में अब

के.......

किसी और बात को,

हम देख भी न पायें .....!!!


तू एक सपना हैं बस 

समझ जा ऐ नादान,

सच्चाई से मिले कभी

तो  दोनो....

टूटकर बिखर ही न जायें...!!!

Monday, March 27, 2023

इतनिसी लौ ने भी 

गुरुर कर लिया ....

ना जाने ....

किस बात पे जलकर....!!!

हमने जहां रोशन

कर दीया किसिका....

मगर फिर भी .....

अंधेरों में खोए रहे......!!!!

Tuesday, March 21, 2023

सरींवर  सरी ..........

सुखांच्या ......नि  दु:खाच्याही....

येत-जात तर राहणारच.....

कधी छत्री खाली लपायच....

तर कधी .......

हात उंचावून भिजायचं.......

आयुष्य आहे हे ....

असच  तर चालायचं.......

Monday, March 13, 2023

कोशिश

कोशिश तो ज़रूरी है

"जुड़ने" या "जोड़ने"  की ,

टूटे हुए तो बस .....

जैसे आप हो ,वैसे ही हम है।


"इतनासा" तो हैं ये शहर 

उसपे ये कड़ी दोपेहर

सुनी सड़कों को तखते

जैसे आप हों वैसे हम हैं।


दस्तक देके दिल पे ..

 "इज़ाजत"तो मांग ली आपने

पर हम दें कैसे

"अरमानों" के कत्ल में गिरफ्तार 

जैसे आप हो वैसे हम है।








 

Saturday, March 11, 2023

.

 नदी काठी, पळसाच झाड

संध्याकाळचा सूर्य, ढगांच्या आड

हिरव्यागार गवतावर 

सुकल्या पानांची पळापळ

हल्कीशी वाऱ्याची झुळूक

त्याने उडणारे तुझे केस....

ओठांवरती छोटंसं स्मित

कानांवर पडणार प्रेम गीत

एक "तू "अन् एक "मी"

एकेकटेच आपण त्या जगात



Friday, March 10, 2023

गुनाहगार

    हजारों बार निकाला गया ....

रुह को दफनाकर मेरे,

गुनाह तो कुछ भी न था 

पर,इल्ज़ाम ही इतने संगीन थे...


 हम तो नशे में चूर 

गम के अंधेरों में कहीं दूर थे

कहते हैं.....

जोगीपन का तो बस चोला है पहना 

उस रात तो हम बड़े ही रंगीन थे.....?

Wednesday, March 8, 2023

"तुम" बन जाऊं....!!!

कभी कभी सोचता हूँ
                  मैं "तुम" बन जाऊँ ......
न जाने तब शायद
                मैं तुम्हे समझ पाऊं.......

वो तुम्हारे मन की
                 सागर सी गहराई .....
इरादों के चट्टानों की
               आसमाँ सी ऊँचाई .....
 
छोटी-मोटी बांतें सारी
                 एसे ही सह लेना.....
कितनी भी हों बड़ी बात
              उसे यूंही सुलझा देना .....

आबड़ धबड़ राहों मे 
            खुद हि संभल जाना.....
फिसले गर पाँव मेरा 
       तो मुझे भी संभाल लेना....
   
और भी हैं बातें कई
            जिन्हें मैं सराह पाऊं.....
बस इंसी लिए  सोचता हूं
            एक दिन.....
                मैं तुम बन जाऊं.....

08/03/2023 14:55

मैं अकेला

मेरे कल वाले मुझसे  कल मेरी मुलाकात हुई तो मैंने उससे उसकी  "खुशहाली" ...... पूछ ही ली... क्यों की मैं जानता था के वो चाहता था  के...